नई दिल्ली / चंडीगढ़ | 28 मार्च 2026:
उत्तर भारत के प्रमुख कृषि राज्यों पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम के बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन क्षेत्रों में असमय बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।
मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे Reuters और Economic Times) के अनुसार, फसल पकने के अंतिम चरण में है, ऐसे में बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर गेहूं की बालियां झुक गई हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
इसके साथ ही मार्च के अंत में बढ़ती गर्मी भी एक बड़ी चुनौती बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक बढ़ोतरी से दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे उपज कम हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसम में यही अस्थिरता बनी रही, तो इसका असर बाजार में गेहूं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
उत्तर भारत में मौसम की मार: पंजाब-हरियाणा में गेहूं फसल को नुकसान, रिपोर्ट में खुलासा